Banking

जानिए बैंक की ओर से चार्ज किये जाने वाले हाई सर्विस चार्ज से कैसे बचें

 बचत खाते से लेकर सिप तक, बैंक आपको तमाम तरह की सुविधाएं मुहैया करवाते रहते हैं। दूसरे बैंकों से बेहतर ब्याज दर की पेशकश और अन्य फायदों का हवाला देते हुए बैंक ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को खुद से जोड़ने की कोशिश में लगे रहते हैं, लेकिन बेहद कम लोग ही यह बात जानते हैं कि बैंक की कोई भी सेवा निशुल्क नहीं होती है। लगभर बैंक से मिलने वाली हर सुविधा पर आपको चार्ज देना होता है।

छोटी से लेकर बड़ी तक बैंक हर सर्विस का चार्ज लेते है। लगभर बैंक से मिलने वाली हर सुविधा पर आपको चार्ज देना होता है। आज हम कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बता रहे हैं जिनसे आप बैंक की ओर से लिए जाने वाले चार्ज से बच सकते हैं।

 

नकद लेनदेन को अच्छे से हैंडल करें
आप जिस बैंक के होम ब्रांच से लेनदेन करते हैं उससे आपको उच्च सीमाएं मिलती हैं, लेकिन अगर आपने लेनदेन एक सीमा से अधिक किया तो बैंक आपसे 50 से 150 रुपये प्रति लेनदेन शुल्क वसूलते हैं। जो लोग अपने बैंक खातों से ज्यादा संख्या में लेनदेन करते हैं वे बैंक से प्रीमियम खाता चुनकर अपने लेनदेन शुल्क को कम या खत्म कर सकते हैं।

 

अपने एटीएम लेनदेन पर नजर रखें
कई बैंक अपने खाते के एटीएम पर केवल तीन से पांच मुफ्त लेनदेन की अनुमति देते हैं। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि जितनी बार लेनदेन की छूट हो उतनी बार ही लेनदेन करें। इस बात को समझें कि केवल पैसा निकालना ही लेनदेन नहीं है बल्कि एटीएम पिन बदलना भी लेनदेन माना जाता है। क्योंकि आपने कार्ड एटीएम में इन्सर्ट किया है।

 

नियम और शर्तों को अच्छे से समझें
ग्राहक को उत्पादों और सेवाओं के नियमों और शर्तों के बारे में अच्छी तरह से पता होना चाहिए। बैंक से मिलने वाली सुविधा के बदले लिए जाने वाले चार्ज के बारे में पूरी तरह से जानकारी रखें। जब भी कागज पर साइन करें नियमों और शर्तों को अच्छे से पढ़ लें समझ लें।

 

ऑनलाइन ट्रांसक्शन ज्यादा से ज्यादा करे।

एटीएम पर 3/5 ट्रांससेशन से जादा करने पर हर बैंक चार्ज वसूल करते है, इसलिऐ एटीएम का लिमिट इस्तेमाल करे।

बैंक चेक इस्तेमाल करने से पहले ऑनलाइन ट्रांसफर जैसे UPI or इंटरनेट बैंकिंग से NEFT, RTGS or IMPS का ज्यादा इस्तेमाल करे, जो सेव भी है, आसान भी और जल्दी ट्रांसफर भी हो जाते है।

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